एक लंबा लीग स्टेज, दो सुपर [संगीत] विकेट्स और एक ऐसा फॉर्मेट जहां हर स्टेज के साथ क्वालिफिकेशन की रेस और कॉम्प्लिकेटेड हो गई। लेकिन अब फाइनली बीजीएमएस 2026 अपने लास्ट और सबसे इंपॉर्टेंट स्टेज पर पहुंचने वाला है। ग्रैंड फाइनल्स 4 से 6 सितंबर तक दिल्ली में 16 टीम्स 1 करोड़ प्लस प्राइस पूल और बीजीएमएस की प्रेस्टीजियस ट्रॉफी के लिए कमपीट करेंगी। टीम सोल, टीम तमिलाज़, नेबुला ई स्पोर्ट जैसे कुछ बड़े नाम्स ऑलरेडी अपनी जगह बना चुके हैं। जबकि रिमेनिंग टीम्स को प्लेऑ से आना पड़ेगा। लेकिन इस बार ग्रैंड फाइनल्स में सिर्फ ।
पॉइंट्स टेबल पर टॉप रहना इनफ नहीं हो सकता क्योंकि डे थ्री पर आप सबका फेवरेट स्मैश रूल भी अप्लाई होने वाला है। तो एग्जैक्टली 16 टीम्स फाइनल तक कैसे पहुंचेंगी? कितने मैचेस होंगे और स्मैश रूल के साथ चैंपियन कैसे डिसाइड करेगा? चलिए पूरा फॉर्मेट सिंपल लैंग्वेज में समझते हैं। नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम है आदित्य और आप देखना शुरू कर चुके हैं टॉक ई स्पोर्ट। सबसे पहले क्वालिफिकेशन की बात करते हैं। बीजीएमएस टी20 ग्रैंड फाइनल्स में टोटल 16 टीम्स खेलेंगी। इनमें से छह टीम्स ने सुपर वीकेंड लीडर बोर्ड के थ्रू डायरेक्ट क्वालिफिकेशन सिक्योर कर लिया ।
है। यह टीम्स हैं टीम कमिलास, एलाइट नोवा, टीम सोल, नेबुला ई स्पोर्ट्स, ग्लडिएटर ई स्पोर्ट्स और मिथ ऑफिशियल। इन टीम्स का नाम फिलहाल कंप्लीट है और इन्हें प्लेऑ्स खेलने की जरूरत नहीं है। रिमेनिंग 10 ग्रैंड फाइनल स्लॉट प्लेऑ्स से फिल होंगे जहां 16 टीम्स 10 पोजीशन के लिए फाइट करेंगी। इस रेस में गॉड लाइक ई स्पोर्ट्स औरंगटान अपेक्स गेमिंग जेनेसिस ई स्पोर्ट्स रेवेंट एक्सर टीम आउटरेच क्वांटम एक्सpark जैसे नाम भी शामिल है।
BGMS 2026 Grand Finals का पूरा Format और Qualification Process
तो प्लेऑ्स के बाद हमें ग्रैंड फाइनल्स की कंप्लीट 16 टीम की लॉबी मिल जाएगी। अब ग्रैंड फाइनल्स की बात करें तो एक्शन 4 5 और 6 सितंबर को टोटल तीन मैच डेज तक चलेगा। हर दिन छह मैचेस होंगे। मतलब मैक्सिमम 18 मैचेस का ग्रैंड फाइनल्स होने वाला है। पहले दो दिन रेगुलर बीजीएमआई टूर्नामेंट्स के अकॉर्डिंग ही मैचेस खेले जाएंगे। टीम्स प्लेसमेंट और फिनिशेस के थ्रू पॉइंट्स कलेक्ट करेंगी। और जब 12 मैचेस हो जाएंगे तब वहीं से डे थ्री में हमें स्मैश रूल देखने को मिलेगा। अब स्मैश रूल को सिंपल एग्जांपल में समझो। 12 मैचेस के बाद फर्स्ट प्लेस टीम के जितने पॉइंट्स होंगे उसमें 20 पॉइंट ऐड करके मैच पॉइंट थ्रेशहोल्ड सेट किया जाएगा। मान लो डे टू के एंड पर लीडर बोर्ड के टॉपर के 120 ।
पॉइंट्स हैं तो 120 + 20 यानी 140 पॉइंट्स मैच पॉइंट होगा। डे थ्री में जिस भी टीम के टोटल 140 या उससे ज्यादा पॉइंट्स होंगे वो टीम मैच पॉइंट एलिजिबल बन जाएगी। लेकिन सिर्फ थ्रेशहोल्ड क्रॉस करने से आप चैंपियन नहीं बनोगे। मैच पॉइंट एलिजिबल होने के बाद किसी मैच में विनर विनर चिकन डिनर लेना कंपलसरी है। जो एलिजिबल टीम सबसे पहले विनर विनर चिकन डिनर निकालेगी टूर्नामेंट वही खत्म और वो टीम बीजीएमएस की चैंपियन बन जाएगी। यहां एक इंपॉर्टेंट डिटेल है। अगर कोई टीम एक मैच के अंदर स्ट्रेशहोल्ड क्रॉस करती है और उसी मैच में विनर विनर चिकन डिनर भी लेती है तो उस ।
Grand Finals में Direct Qualified 6 Teams और Playoffs से आने वाली 10 Teams
चिकन डिनर से वह चैंपियन नहीं बनेगी। क्योंकि रूल्स के अकॉर्डिंग टीम मैच पॉइंट एलिजिबल सबसीक्वेंट मैचेस यानी उसके बाद वाले मैचेस से होती है। पहले रिक्वायर्ड पॉइंट कंप्लीट करो। उसके बाद नेक्स्ट मैचेस में चिकन डिनर अर्न करो। इसी वजह से डे थ्री में स्ट्रेटजी काफी इंटरेस्टिंग हो सकती है। कोई टीम पॉइंट्स कलेक्ट करके जल्दी एलिजिबिलिटी अनलॉक करना चाहेगी। जबकि ऑलरेडी एलिजिबल टीम्स के लिए फिनिशेस से ज्यादा इंपॉर्टेंट एक विनर विनर चिकन डिनर बन जाएगा। लेकिन स्मैश रूल की वजह से फाइनल्स एंडलेसली कंटिन्यू नहीं होगा। डे थ्री पर मैक्सिमम छह मैचेस ही अवेलेबल ।
होंगे। अगर इन छह मैचेस के अंदर कोई भी मैच पॉइंट एलिजिबल टीम एलिजिबिलिटी अचीव करने के बाद विनर विनर चिकन डिनर सिक्योर नहीं कर पाती तो रेगुलर ओवरऑल स्टैंडिंग डिसाइड करेंगे चैंपियन। सिक्स मैचेस कंप्लीट होने के बाद जिस टीम के टोटल पॉइंट सबसे ज्यादा होंगे वही Bजीएमएस 2026 की ट्रॉफी उठाएगा। इसलिए ट्रेडिशनल कंसिस्टेंसी की वैल्यू खत्म नहीं होती। पहले 12 मैचेस में बनाई हुई लीड आपको लोअर मैच पॉइंट नहीं देगी क्योंकि थ्रेशहोल्ड सबके लिए सेम रहेगा लेकिन आपको एलिजिबिलिटी के बहुत करीब जरूर ला सकती है। और यही डे थ्री को सबसे ।

